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क्या नई इंदिरा गांधी बनेंगी प्रियंका गांधी ?

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नई दिल्ली: भले ही इमरजेंसी को लेकर इंदिरा गांधी की आलोचना होती हो, लेकिन उनके कई कठोर फैसले ने कांग्रेस नेताओं के साथ-साथ विपक्ष के नेताओं को भी उनका मुरीद बना दिया। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अलट बिहारी वाजपेयी ने तो एकबार विपक्ष में रहते हुए अपने भाषण के दौरान उन्हें दुर्गा तक कहकर संबोधित किया था। उन्हीं इंदिरा से आज कुछ लोग उनकी पोती प्रियंका की तुलना कर रहे हैं। बड़ी तादाद में लोगों का कहना है कि प्रियांका गांधी में उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की छवि देखती है। बड़ी तादाद में लोग प्रियंका गांधी की तुलना अक्सर इंदिरा गांधी से भी करते नजर आ जाते हैं। इतना ही नहीं प्रियंका का हेयरस्टाइल, कपड़ों के चयन और बात करने के सलीके में भी लोगों को इंदिरा गांधी की छाप दिखती है। प्रियंका गांधी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा जाता है। साथ ही उनके भाषणों को भी ज्यादा प्रभावी माना जाता है।

अगले कुछ महीने में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले बहन प्रियंका गांधी की सक्रिय राजनीति में एंट्री हो गई है। प्रियंका गांधी अब परदे के पीछे से नहीं फ्रंट से कांग्रेस के लिए रणनीति बनाती नजर आएगीं। प्रियंका गांधी लंबे वक्त से अपनी मां सोनिया गांधी और भाई राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली और अमेठी में चुनाव प्रचार करती रही हैं। साथ ही कांग्रेस पार्टी के महत्वपूर्ण रणनीतिक फैसलों में भी उनकी सहमति होती है। लेकिन सक्रिय राजनीति में उनकी पहली बार एंट्री हुई है। कांग्रेस के कार्यकर्ता काफी लंबे समय से प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में लाने की मांग करते रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी को पार्टी महासचिव बनाया है। साथ ही प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभार दिया गया है।

कांग्रेसी खेमे में प्रियंका गांधी के नेतृत्व क्षमता की तुलना हमेशा दादी इंदिरा गांधी से की जाती रही है। प्रियंका कार्यकर्ताओं से बेहतर संवाद करने में माहिर मानी जाती हैं। प्रियंका हमेशा अपने कार्यकर्ताओं की क्षमता का अच्छा उपयोग करना जानती हैं। इसके साथ ही नाराज लोगों को मनाने में भी दादी की तरह उनका कोई तोड़ नहीं है। अक्सर दादी इंदिरा की शैली में नजर आने वाली प्रियंका अपने आकर्षक व्यक्तित्व की वजह से युवाओं के बीच भी काफी लोकप्रिय हैं। लोगों का मानना है कि सक्रिय राजनीति में प्रियंका लोगों को दादी इंदिरा की तरह काफी प्रभावित कर सकती हैं।

अपने लुक और स्टाइल की वजह से दादी की तरह दिखने वाली प्रियंका फैसले लेने में भी उन्हीं की तरह मानी जाती हैं। दरअसल इंदिरा गांधी को कठोर निर्णय लेने वाला नेता माना जाता था और इसी संकट से आज कांग्रेस जूझ रही है। इसलिए पार्टी ऐसा मानती है कि प्रियंका के आने से अब कांग्रेस में कई बड़े बदलाव दिखेंगे। प्रियंका को दादी इंदिरा की तरह ही वाकपटु भी माना जाता है। वह भी अपने भाषण के दौरान जनता से सीधा संवाद करती हैं, जैसे उनकी दादी किया करती थीं। इंदिरा की तरह ही प्रियंका की बेली में भी कभी कठोरता नहीं दिखती। वह लोगों से बातचीत के दौरान हमेशा मुस्कुराती रहती हैं। दादी की तरह ही प्रियंका की राजनीति समझ लाजवाब है। प्रियंका कभी विवादों में नहीं रही, इसीलिए कांग्रेस उनकी बेदाग छवि को 2019 के लोकसभा चुनाव में भुनाना चाहती है।

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