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मध्यप्रदेश में बारिश: बाढ़ की चपेट में आए 1171 गांव, बचाव कार्य के लिए सेना को बुलाया गया

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मध्य प्रदेश में मौसम विभाग ने  25 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, दतिया, श्योपुर, मुरैना और भिंड में रेड अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राजेश राजोरा ने बताया कि शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर और दतिया जिलों में बचाव कार्य के लिए सेना को बुलाया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हालात की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी है, जिन्होंने हर संभव सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार की सुबह शिवपुरी जिले के पिपरौधा गांव में पांच लोगों को बचाया गया। इसके अलावा बीची गांव में तीन लोग करीब 24 घंटे तक एक पेड़ पर फंसे रहे। ये लोग बचने के लिए पेड़ पर चढ़ गए थे और बाद में निकलने का कोई रास्ता न मिलने पर वहीं रह गए। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के एक दल ने नाव की मदद से इन तीनों लोगों को बचाया। उन्होंने कहा बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया जाएगा। चौहान ने कहा कि अत्यधिक वर्षा के चलते ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कुल 1171 गांव प्रभावित हुए हैं, खास तौर पर शिवपुरी व श्योपुर, जहां हुई 800 मिलीमीटर बारिश की वजह से बाढ़ के हालात बन गए हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और एसडीआरएफ ने 1600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। 200 गांव अभी भी बाढ़ग्रस्त हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि प्रभावित इलाकों में लोगों को बचाने के लिए नावों की मदद ली जा रही है। उन्होंने कहा, ‘अतिवृष्टि के कारण मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के 1100 से अधिक गांव प्रभावित हैं। शिवपुरी और श्योपुर में दो दिन में ही 800 मिमी बारिश हो गई है। इस अप्रत्याशित बारिश से बाढ़ की स्थिति बनी है। मैं कल से बाढ़ग्रस्त इलाकों के स्थानीय प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में हूं। मणिखेड़ा डैम के 10 गेट खोले गए हैं। प्रभावित गांवों को पहले ही सतर्क कर दिया गया था। लोगों को ऊंचे स्थानों पर भेजकर सुरक्षित किया गया और राहत शिविर व भोजन की व्यवस्था की गई है।’

 

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